सामाजिक न्याय के प्रणेता मान्यवर बी. पी. मंडल जी को कोटिशः नमन
✍️ श्री राजीव कुमार
केंद्रीय महामंत्री, ऑल इंडिया ओबीसी रेलवे एम्पलाइज एसोसिएशन
आज के दिन हम सभी सामाजिक न्याय के प्रणेता, महान समाजवादी और पिछड़े वर्गों के महानायक मान्यवर बिंदेश्वरी प्रसाद मंडल (बी. पी. मंडल) जी की जयंती पर उन्हें शत-शत नमन करते हैं। उनके जीवन और योगदान को याद करना केवल श्रद्धांजलि अर्पित करना नहीं, बल्कि सामाजिक न्याय की उस अमर धारा को पुनः जागृत करना है, जिसके लिए उन्होंने अपना पूरा जीवन समर्पित कर दिया।
बी. पी. मंडल जी का जीवन परिचय
मान्यवर बी. पी. मंडल जी का जन्म 25 अगस्त 1918 को बिहार राज्य के मधेपुरा ज़िले में एक प्रतिष्ठित परिवार में हुआ था। वे अपने छात्र जीवन से ही न्याय, समानता और समाजवाद के सिद्धांतों से प्रभावित थे। राजनीति में आने के बाद उन्होंने जनता के बीच रहकर सामाजिक उत्थान और गरीब तबकों की आवाज़ बुलंद करने का कार्य किया।
वे बिहार विधानसभा तथा संसद के सदस्य रहे और विभिन्न जनसंघर्षों के माध्यम से उन्होंने सामाजिक न्याय की अलख जगाई।
पिछड़े वर्गों के उत्थान के लिए उनका योगदान
1. मंडल आयोग का गठन और सिफारिशें
भारत सरकार ने वर्ष 1979 में पिछड़े वर्गों की वास्तविक स्थिति का अध्ययन करने और उनके लिए विशेष उपाय सुझाने हेतु मंडल आयोग का गठन किया, जिसके अध्यक्ष बी. पी. मंडल जी बने। इस आयोग ने व्यापक अध्ययन कर यह निष्कर्ष दिया कि देश की लगभग 52% जनसंख्या सामाजिक और शैक्षणिक दृष्टि से पिछड़ी हुई है। इस आधार पर आयोग ने शिक्षा और सरकारी नौकरियों में 27% आरक्षण की ऐतिहासिक सिफारिश की।
2. पिछड़ों को संवैधानिक अधिकार दिलाने की नींव
मंडल जी ने इस बात पर जोर दिया कि सामाजिक न्याय केवल संविधान की किताबों में नहीं बल्कि व्यवहारिक जीवन में दिखना चाहिए। उन्होंने पिछड़े वर्गों को सरकारी सेवाओं और शिक्षा में आरक्षण देकर उन्हें समान अवसर दिलाने की राह प्रशस्त की।
3. समानता और आत्मसम्मान का संदेश
मंडल जी का स्पष्ट कहना था कि समाज में पिछड़े वर्ग को केवल सहानुभूति नहीं, बल्कि उनका संवैधानिक हक़ मिलना चाहिए। उनकी सोच ने भारत की राजनीति और सामाजिक संरचना को नई दिशा दी।
मंडल जी की विरासत
बी. पी. मंडल जी का कार्य आज भी पिछड़े वर्गों, वंचितों और शोषितों के लिए प्रेरणा का स्रोत है। उनकी दूरदृष्टि के कारण ही आज करोड़ों पिछड़े वर्ग के लोग शिक्षा और रोजगार में आगे बढ़ पाए हैं।
उनके द्वारा किए गए प्रयासों ने भारत में सामाजिक न्याय और समान अवसर के सिद्धांत को गहराई से स्थापित किया।
संगठन का संकल्प
ऑल इंडिया ओबीसी रेलवे एम्पलाइज एसोसिएशन, मंडल जी के दिखाए मार्ग पर चलते हुए यह संकल्प लेता है कि:
- हम पिछड़े वर्गों के हक़ और अधिकारों की रक्षा के लिए सतत संघर्षरत रहेंगे।
- मंडल जी की विचारधारा को समाज के हर कोने तक पहुँचाएँगे।
- संगठन को पिछड़े वर्ग के उत्थान और सशक्तिकरण का मज़बूत माध्यम बनाएंगे।
निष्कर्ष
मान्यवर बी. पी. मंडल जी केवल एक नेता नहीं बल्कि एक विचारधारा, आंदोलन और प्रेरणा का नाम हैं। उन्होंने हमें यह सिखाया कि सामाजिक न्याय और समानता के बिना कोई भी समाज प्रगति नहीं कर सकता।
आज उनकी जयंती पर हम उन्हें कोटिशः नमन करते हुए यह प्रण करते हैं कि उनके सपनों का भारत बनाने के लिए निरंतर संघर्ष करते रहेंगे।

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