रविवार, 31 जुलाई 2022

ऑल इंडिया obc रेलवे एम्पलाइज एसोसिएशन के तत्वाधान में रेलवे कर्मचारियों की सेवानिवृत्ति पर सम्मान समारोह आयोजित किया गया


अखिल भारतीय अन्य पिछड़ा वर्ग रेलवे कर्मचारी संगठन को बुलंदियों पर पहुंचाने वाले रेल कर्मचारियों की सेवानिवृत्ति पर एसोसिएशन संघ द्वारा सम्मान समारोह आयोजित किया गया


जिसमें  परम आदरणीय दोनों  अधिकारी श्री कैलाश चन्द्र मीना जी(वरिष्ठ सामग्री प्रबंधक) एवं श्री राजेन्द्र सिंह पाल जी (सहायक सामग्री प्रबंधक) महोदय जी आलमबाग स्टोर डिपो से सेवानिवृत्त हुए, साथ ही साथ हमारे संगठन की जान श्री एस. के. नायर जी(मुख्य कार्यालय अधीक्षक) भी सेवानिवृत हुए जिन्होंने ओबीसी ऐशोसियेशन के लिए पुनः बुलंदियों तक उठाने मे बहुत सहयोग दिए है, साथ ही साथ हमारे परम आदरणीय वर्तमान में उप मुख्य सामग्री प्रबंधक महोदय, श्री महेश सिंह जी का शुभ आशीर्वाद रहा है।

ओबीसी एसोसिएशन के शाखा अध्यक्ष, सचिव व साथियों के साथ सेवानिवृत हो रहे तीनों मुख्य अतिथियों को एक- एक मोमेंटो (रुमी दरवाजा लखनऊ के एतिहासिक मोमेंटो)  का सप्रेम भेंट देकर सम्मानित किया गया तथा स्वस्थ एवं दीर्घायु होने का भगवान से प्रार्थना की गई


इस अवसर पर भारी संख्या में रेल कर्मचारी एवं उनकी फैमिली उपस्थित रही

कामरेड एस के यादव जिंदाबाद

कामरेड के एस कुशवाहा जिंदाबाद


 सौजन्य से *संतोष कुमार सिंह* 

(शाखा मंत्री,आलमबाग स्टोर, उत्तर रेलवे,लखनऊ मंडल!)

शनिवार, 30 जुलाई 2022

अखिल भारतीय अन्य पिछड़ा वर्ग रेलवे कर्मचारी संगठन की लखनऊ रेल रनिंग शाखा की समीक्षा बैठक मैं संगठन को सक्रिय एवं विस्तार देने के लिए रणनीति बनाई

 

अखिल भारतीय अन्य पिछड़ा वर्ग रेल कर्मचारी संगठन की लखनऊ मंडल की रनिंग शाखा  (लखनऊ) की मासिक समीक्षा बैठक डीजल लोको शेड स्थित ब्रांच कार्यालय पर रनिंग शाखा के ब्रांच अधिकारी श्री रामविलास शर्मा जी के मुख्य आतिथ्य एवं शाखा सचिव श्री अजीत कुमार के  विशिष्ट आतिथ्य एवं शाखा अध्यक्ष श्री हरेंद्र कुमार सिंह की अध्यक्षता में संपन्न हुई।


जिसमें अखिल भारतीय अन्य पिछड़ा वर्ग रेलवे कर्मचारी संगठन की रनिंग शाखा को मजबूत सक्रिय एवं विस्तार  पर, संगठन के पदाधिकारियों एवं अन्य पिछड़ा वर्ग के कर्मचारियों के उत्पीड़न को रोकने के लिए रणनीति बनाकर कार्य करने संचार के माध्यम से संगठन में लोगों को आपसी जुड़ाव को मजबूत करने के लिए पिछड़ा वर्ग के कर्मचारियों से  संपर्क करके संगठन के उद्देश्य एवं कार्यों से उन्हें अवगत कराए जाने के लिए कार्य योजना बनाई गई।

इस अवसर पर ब्रांच अधिकारी श्री रामविलास शर्मा जी द्वारा बैठक को संबोधित करते हुए बताया कि अखिल भारतीय अन्य पिछड़ा वर्ग रेलवे कर्मचारी संगठन अपने स्थापना के 25 वर्ष पूर्ण पूर्ण कर चुका है इस वर्ष संगठन का रजत जयंती समारोह मनाने का जोनल स्तर से निर्णय लिया गया है उस कार्यक्रम को अभूतपूर्व सफल बनाने के लिए अभी से सक्रिय भूमिका निभानी जरूरी इस कार्यक्रम के आयोजन की तारीख  समय का निर्धारण जोनल संगठन द्वारा कार्यक्रम बनाकर सभी मंडलों एवं ब्रांच को अवगत कराया जाएगा ।
वही बैठक के विशिष्ट अतिथि श्री अजीत कुमार सिंह द्वारा लखनऊ रनिंग शाखा में रेल में नई भर्ती ने आए सक्रिय एवं प्रतिभा संपन्न युवाओं को महत्वपूर्ण स्थान देकर उनके जोश और संघर्ष को अन्य पिछड़ा वर्ग के कर्मचारियों के हित एवं हकों की लड़ाई को संघर्षमय तरीके से कलम से सड़क तक लड़ने में सहयोग लेंगे एवं उन्हें संगठन में योग्यता अनुसार महत्वपूर्ण जिम्मेवारी देने की बात कही।


इस अवसर पर  अंजनी कुमार मौर्या,  ज्ञानेंद्र कुमार, रमेश चंद यादव, पंकज कुमार सिंह , गुलाब सिंह यादव, रविंद्र साहू सहित  रेलवे रनिंग शाखाअन्य पिछड़ा वर्ग संगठन पदाधिकारी एवं अनेक कार्यकर्ता उपस्थित रहे





सोमवार, 18 अप्रैल 2022

अन्य पिछड़ा वर्ग आरक्षण में क्रीमी लेयर पात्रता का दायरा 15 लाख से ऊपर हो

 
द्वेष पूर्ण तरीके सेे अन्य पिछड़ा वर्ग के ऊपर थोपा गया विवादित पिछड़ा वर्ग आरक्षण आर्थिक लिमिट क्रीमी लेयर का जंजाल अन्य पिछड़ा वर्ग की जातियोंं को आरक्षण से दूर करने तरीका बनता जा रहा है

आखिर क्या है क्रीमी लेयर

पहली बार यह शब्द केरल राज्य बनाम थामस मामले में 1975 में सुनाई दिया था जब एक न्यायाधीश ने कहा था कि आरक्षण का लाभ पिछड़े वर्ग की शीर्ष मलाईदार परत से छीना जाएगा इस प्रकार कमजोर मैं सबसे कमजोर और पूरा केक का उपयोग करने के लिए भाग्यशाली परतो को हटाया जाएगा सन 1992 में इंद्रमणि बनाम भारतीय संघ के फैसले ने राज्य की शक्तियों की सीमा निर्धारित की जिसमें 50% कोटा की छूट को बरकरार रखा और पिछड़ेपन की अवधारणा पर जोर दिया और पिछड़ेपन का पता लगाने के लिए 11 संकेत निर्धारित किए इस फैसले को गुणात्मक बहिष्कार की अवधारणा भी स्थापित की जैसे कि क्रीमी लेयर यह केवल ओबीसी पर ही लागू होगा मलाईदार परत मापदंड 1993 में एक लाख से अधिक 2004 में 2.5 लाख से अधिक 2008 में 4.5 लाख से अधिक और 2013 में 6 लाख से अधिक बा 2017 में 8 लाख से अधिक वार्षिक आय वाले ओबीसी  क्रीमी लेयर के दायरे में आएंगे एवं उन्हें आरक्षण का लाभ नहीं मिलेगा

यह व्यवस्था द्वेष पूर्ण क्यों है


सितंबर 2018 को सुप्रीम कोर्ट के पांच न्यायाधीशों द्वारा निर्णय लिया गया था कि भविष्य में इस प्रकार की व्यवस्था एससी एवं एसटी कम्युनिटी पर भी लागू किया जाएगा लेकिन यह लागू नहीं किया गया

वही आर्थिक पिछड़ेपन के आधार पर सामान्य जतियों के लिए अतिरिक्त 10% आरक्षण में पात्रता सीमा  8 लाख वार्षिक एवं 5 हेक्टेयर भूमि रखा गया है जो कि अन्य पिछड़ा वर्ग केक क्रीमी लेयर के लगभग बराबर ही है

वर्तमान में केंद्र सरकार क्रीमी लेयर पर क्या चाहती है ?


देश की लगभग 60% आबादी अन्य पिछड़ा वर्ग से आती है जो पूरी तरीके से कृषि एवं छोटे उद्योग धंधों पर निर्भर है अन्य पिछड़ा वर्ग की भारतीय राजनीति एवं सरकारी संस्थानों संसाधनों मैं सहभागिता बहुत ही कम है जिस प्रकार सरकार द्वारा क्रीमी लेयर की पात्रता मात्र अन्य पिछड़ा वर्ग के ऊपर ही लगती है वही आर्थिक आधार पर मात्र सामान्य जाति के लोगों को 10% आर्थिक आरक्षण देने के बाद एवं पात्रता सीमा ₹8 लाख वार्षिक से कम होने की निर्धारण सीमा के बाद अन्य पिछड़ा वर्ग समुदाय में नाराजगी व्याप्त है उसको कम करने के लिए सरकार विभिन्न अन्य पिछड़ा वर्ग के संगठनों से सुझाव लेकर क्रीमी लेयर पात्रता को मात्र ₹10 लाख वार्षिक आय तक करना चाहती है

कम से कम कितनी होनी चाहिए क्रीमी लेयर पात्रता सीमा

 अन्य पिछड़ा वर्ग के तमाम संगठनों द्वारा समय-समय पर क्रीमी लेयर जैसी द्वेष पूर्ण व्यवस्था को अन्य पिछड़ा वर्ग के ऊपर से हटाने की मांग सरकार से करते आ रहे हैं यदि किसी कारणवश सरकार इस व्यवस्था को अन्य पिछड़ा वर्ग के ऊपर से पूर्ण रूप से नहीं हटा पा रही है तो वह ऐसी व्यवस्था करें जिससे तमाम अन्य पिछड़ा वर्ग जो कि देश के विकास में अपना संपूर्ण योगदान देकर देश को प्रगति के मार्ग पर बढ़ा रहा है उस को ध्यान में रखते हुए क्रीमी लेयर की पात्रता सीमा 15 लाख तक करने का कार्य करें जिससे अन्य पिछड़ा वर्ग समाज में एवं देश में अपनी सहभागिता पूर्ण तरीके से निभा सके !

ऑल इंडिया ओबीसी रेलवे एम्प्लायज एसोसिएशन - विशेष निर्देश

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